स्वार्थ में अब आजकल डूबा है ऐसा आदमी |

स्वार्थ में अब आजकल डूबा है ऐसा आदमी |
बन गया है ख़ुद-ब-ख़ुद व्यापार जैसा आदमी |
भूल नैतिकता को, डूबा आकंठ भ्रष्टाचार में,
है  बनाने  में  जुटा  पैसा  ही  पैसा  आदमी ||

----- डॉo अशोक मधुप
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