ग़ज़ल

आग दिल में लगी, किस क़दर देखिये। जल गया है मेरा घर का घर देखिये। एक ख़ुश्बू फ़िज़ा में घुली हर तरफ़, कोई गुज़रा है महताब इधर देखिये। हक़परस्तों का ...