हमने क्या क्या मंज़र देखे | ढहते - गिरते खंडहर देखे | हरे -भरे थे खेत जहाँ पर, आज वहाँ पर बंजर देखे | प्यासी नदिया, ठंडी गर्मी, सूखे हुए ...
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गीत - हे गुरु! तुमसे ही उजियारा
(भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती एवं शिक्षक दिवस पर विशेष प्रस्तुति) गीत ***** गुरु! तुमसे ही उजियारा *...
