गीत           ***** तुम छू लो चन्दन बन जाऊँ। *********************** गंधहीन जीवन है मेरा, तुम छू लो चन्दन बन जाऊँ। तुम कंचन मैं न...
Read More

मुक्तक

 जिस जानिब से सर पर मेरे, आकर के पत्थर निकले। मुड़कर देखा जब मैंने तो यारों ही के घर निकले। दर्द ग़मों का किसी गली में, आये तुमको नज़र कहीं, ...