ग़ज़ल
आग दिल में लगी, किस क़दर देखिये। जल गया है मेरा घर का घर देखिये। एक ख़ुश्बू फ़िज़ा में घुली हर तरफ़, कोई गुज़रा है महताब इधर देखिये। हक़परस्तों का ...
हिंदी के सुधी पाठकों के लिए प्रतिष्ठित कवि-गीतकार-ग़ज़लकार-अभिनेता एवं ज्योतिष विशेषज्ञ डॉo अशोक मधुप के गीत, ग़ज़ल, मुक्तक एवं कविताओं का अनूठा संग्रह |
आग दिल में लगी, किस क़दर देखिये। जल गया है मेरा घर का घर देखिये। एक ख़ुश्बू फ़िज़ा में घुली हर तरफ़, कोई गुज़रा है महताब इधर देखिये। हक़परस्तों का ...