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ग़ज़ल

ग़ज़ल

 ग़ज़ल ******** तुम चले जाओगे 'गर रूठ के बादल की तरह। हम मना लेंगे तुम्हें प्यार में पागल की तरह। दर्द रह-रह के कसकता है जुदाई का तेरी, ते...
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ग़ज़ल

ग़ज़ल

आग दिल में लगी, किस क़दर देखिये। जल गया है मेरा घर का घर देखिये। एक ख़ुश्बू फ़िज़ा में घुली हर तरफ़, कोई गुज़रा है महताब इधर देखिये। हक़परस्तों का ...
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हमने क्या क्या मंज़र देखे |

हमने क्या क्या मंज़र देखे | ढहते - गिरते खंडहर देखे | हरे -भरे थे खेत जहाँ पर, आज वहाँ पर बंजर देखे | प्यासी नदिया, ठंडी गर्मी, सूखे  हुए  ...
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गीत - हे गुरु! तुमसे ही उजियारा

(भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती एवं शिक्षक दिवस पर विशेष प्रस्तुति)              गीत             ***** गुरु! तुमसे ही उजियारा *...